6.30 बजे सिकंदरा थाना क्षेत्र में सड़क किनारे उसकी मौत हो गई।

जहां काम करते थे, वे फैक्ट्रियां बंद हो गईं। जहां रहते थे वो घर छोड़ना पड़ा। गुलजार के शब्दों में कहे तो उनकी मढ़ी-गढ़ी और मीठे कुएं सब औंधे हो गए। एक ही रास्ता बचा घर का। जिसको जो साधन मिला, निकल पड़ा। काेई मीलों चला और मारा गया। किसी ने 350 किलोमीटर चलकर ठिकाना पा लिया। फिर भी कोरोना के कारण पलायन जारी है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला मध्यप्रदेश में कई शहरों में, जहां अपने घरों को पलायन करते बड़ी तादाद में मजदूर देखे गए। कोई दिल्ली से चलकर मुरैना पैदल आया तो कोई परिवार अहमदाबाद से झाबुआ बस से पहुंचा। वहीं, मध्य प्रदेश में रह रहे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग वापस जाते दिखे।


दिल्ली से मुरैना के लिए पैदल चला, आगरा में मौत 


मुरैना में शुक्रवार काे दिल्ली से पैदल मुरैना (अंबाह) के बड़फरा गांव के लिए निकले 39 साल के रणवीर सिंह की आगरा के सिकंदरा के पास मौत हो गई। होटल में काम करने वाला रणवीर शुक्रवार दोपहर 3 बजे साथियों के साथ निकला था। शाम 6 बजे उसने अंबाह में ब्याही अपनी बहन को फोन पर कहा- मैं फरीदाबाद आ गया हूं। जल्द ही घर पहुंच जाऊंगा। शनिवार सुबह पांच बजे उसका फिर बहन के पास फाेन आया। उसने कहा कि मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हाे रही है। गला सूख रहा है और पेट में दर्द हो रहा है। आगरा पहुंचने के बाद उसके साथी आगे निकल गए और सुबह 6.30 बजे सिकंदरा थाना क्षेत्र में सड़क किनारे उसकी मौत हो गई।


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